कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू का ताज पाने के लिए राजनीतिक पार्टियों की कसरत शुरू हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के नेता यहां जोड़-तोड़कर अध्यक्ष पद पर अपनी पार्टी के पार्षद को बैठने की गोटियां फिट कर रहे हैं। इससे अब यहां चुनाव से ज्यादा रोमांचक अध्यक्ष पद की लड़ाई हो गई है। ऐसे में दोनों पार्टियों के नेताओं की नजरें अब निर्दलीय रूप से जीते पार्षदों पर टिकी हुई है।
नेताओं ने गुपचुप तरीके से निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। हालांकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल बहुत मत से काफी दूर है लेकिन अब उन निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में कर अध्यक्ष पद हथियाने की कसरत शुरू हो गई है।
वर्तमान में स्थिति यह है कि 11 वार्डों वाली नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के लिए छह पार्षदों का एक साथ होना जरूरी है लेकिन कांग्रेस और भाजपा के पास तीन-तीन ही पार्षद अपने जीतकर आए हैं।
हालांकि संगठन से बाहर हुए राम सिंह पत्नी, भाजपा विचारधारा की शालिनी रॉय और गीता देवी को मिलाकर अध्यक्ष पद पाना आसान दिख रहा है लेकिन उसके लिए भाजपा राम सिंह के साथ समझौते के दरवाजे कितने खोलती है यह देखना बाकी है, जबकि कांग्रेस भी भीतर ही भीतर रणनीति बनाने में जुटी है।
उनके पास हालांकि तीन पार्टी समर्थित उम्मीदवार हैं और एक आजाद जीती आशा ठाकुर, सीपीआईएम विचारधारा की रामदेई को मिलाकर पांच का आंकड़ा पहुंच सकता है लेकिन भाजपा पृष्ठभूमि के आजाद जीते पार्षदों के साथ सांठ-गांठ करने में कितना कामयाब होते हैं यह देखना काफी दिलचस्प होगा।
अब देखना यह है कि भाजपा और कांग्रेस में अपना खेल खेलने में कौन कामयाब होती है या फिर राम सिंह यहां किंगमेकर की भूमिका में उभरकर सामने आते हैं। संवाद