कुल्लू में मानसून की बारिश के बाद नदी-नालो का जलस्तर बढ़ने से ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प
कुल्लू। जिले में बरसात शुरू होते ही दुश्वारियां भी बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार रात से हो रही बारिश के कारण बाह्य सराज की आठ सड़कें भूस्खलन के चलते अवरुद्ध हो गई हैं। हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन ने ग्रामीणों और पर्यटकों से नदी-नालों की ओर न जाने का आह्वान किया है। तीन दिन से हो रही बारिश के कारण कुल्लू और लाहौल के नदी-नाले उफान पर हैं।
बारिश होने से किसानों और बागवानों में खुशी की लहर है। फलों के साथ मक्की, राजमा और सब्जियों के लिए बारिश संजीवनी का काम करेगी। शुक्रवार रात करीब 10:00 बजे से लेकर शनिवार सुबह 5:00 बजे तक बारिश होती रही। ब्यास के साथ चंद्रा नदी, पार्वती, पिन पार्वती, सरवरी खड्ड सहित जिले के तमाम नाले उफान पर हैं। बाह्य सराज की पेरी नाला से डवारच, राची से खनी, दलाश से गुंगी, राणाबाग से काड़ीबाग, खनाग-शुश-टकरासी, करशाला, बांशा तथा कराड़ मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने पर्यटकों को नदी-नालों, ट्रैकिंग पर न जाने की हिदायत दी है। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी बरसात में सतर्क रहने को कहा गया है।
बागवान निका राम, सूरज कुमार, प्रेम लाल, देवी सिंह तथा मनोहर लाल ने कहा कि बारिश ने किसानों-बागवानों को खुश कर दिया है। फलों के साथ मक्की, राजमा और अन्य सब्जियों के लिए संजीवनी का काम करेगी। बागवानी उपनिदेशक कुल्लू बीएम चौहान ने कहा कि इन दिनों कृषि और बागवानी को सबसे अधिक बारिश की जरूरत थी। मौसम मेहरबान हुआ और बारिश होने से नमी हो गई है। संवाद