भाइयों को राखी बांधने आने वाली बहनों के लिए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त रास्ते भी बने परेशानी
जिले के बंजार, सैंज, गड़सा, लगवैली, मणिकर्ण, महाराजा क्षेत्र में कई सड़कें चल रहीं अवरुद्ध
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में बारिश ने रक्षाबंधन पर भाई और बहन के मिलन को कठिन बना दिया है। भूस्खलन और बंद सड़कों ने बहनों को अपने भाइयों के घर तक पहुंचने में परेशानियां खड़ी कर दी हैं।
परिवहन निगम के 70 रूट प्रभावित होने से सफर करना और भी मुश्किल हो गया है। इस मुश्किल दौर में भी बहनें अपनी परंपरा निभाने के लिए रास्तों की कठिनाइयों को पार करने को तैयार हैं लेकिन अवरुद्ध सड़कों ने खुशियों में खलल डाल दिया है। सड़कों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनसे आवाजाही करना जोखिम भरा हो सकता है। बहनों के लिए समस्या पैदा हो गई है कि वे कैसे भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए पहुंचेंगी।
लगघाटी, बंजार, सैंज, तीर्थन, गड़सा और महाराजा की अधिकतर सड़कें बंद हैं। बंजार क्षेत्र की रामेश्वरी, मोनिका, तनुजा, आंचल, सैंज की रचना, शानवी, अंजलि, लगघाटी की तमन्ना, आंचल, आशा, महाराजा की द्रोपदी देवी, सोमलता और अंजना ने कहा कि लोकल रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं। सड़कें बंद होने से बसों की आवाजाही ठप है।
एचआरटीसी के अभी भी 70 रूट हैं प्रभावित
जिले में परिवहन निगम के अभी 70 रूट प्रभावित चल रहे हैं। इनमें 16 रूटों पर बसों के पहिये पूरी तरह से थम गए हैं। 26 रूटों पर आधे रास्ते तक बसों का संचालन हो रहा है। इससे राज्य से बाहर जाने वालों के साथ लोकल रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इस संबंध में निगम के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि जहां तक सड़कें बहाल हैं, वहां तक बसों को चलाया जा रहा है।