फोरलेन संघर्ष समिति मनाली की रविवार को बैठक हुई। अध्यक्षता समिति के मनाली ब्लॉक के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने की। इस दौरान भू-अधिग्रहण से होने वाले प्रभावितों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए महेंद्र ने कहा लोगों को लग रहा है कि नागचला से मनाली तक फोरलेन के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मार्केट रेट मिलेंगे। जबकि, हिमाचल सरकार ने 1 अप्रैल 2015 को जारी नोटिफिकेशन में साफ तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के लिए केवल दोगुना मुआवजे की अधिसूचना जारी की है, जो प्रभावित किसानों के साथ सरासर धोखा है। वहीं, मुआवजा निर्धारण में प्रयुक्त होने वाला मार्केट रेट का फार्मूला भी न्यायसंगत नहीं है।
इसके अलावा मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना की सारी प्रक्रिया को लेकर नेशनल हाइवे अथारिटी मौन है। प्रभावितों के बार-बार पूछने पर भी स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है। इस पर नेशनल हाइवे अथारिटी को प्रदेश सरकार को इस पर जल्दी स्पष्टीकरण देना चाहिए। इस दौरान फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष खुशाल ठाकुर, महासचिव ब्रजेश महंत आदि मौजूद रहे।