केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जिला कृषि विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल की 32 पंचायतों के 1,935 किसानों की गोभी और मटर की फसल तबाह हो गई है। विभाग ने मौके पर जाकर बरसात से हुए नुकसान का आकलन किया और पाया कि 5,758 बीघा भूमि पर बिजाई की गई गोभी और मटर की फसल खेतों में ही खराब हो गई। इस कारण करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मुंशी ठाकुर ने बताया कि आपदा के चलते किसानों की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई। वहीं जिप सदस्य कुंगा बौद्ध ने राज्य और केंद्र सरकार से किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। लाहौल में किसानों पर कृषि ऋण का बोझ भी बड़ा मुद्दा बन गया है। जानकारी के अनुसार घाटी के किसानों ने लगभग 94 करोड़ रुपये का कृषि ऋण लिया हुआ है। ऐसे हालात में अब ऋण माफी की आवाज बुलंद हो रही है। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रवि ठाकुर ने कहा कि किसानों को व्यापक स्तर पर आर्थिक नुकसान हुआ है इसलिए सरकार को कृषि ऋण माफ करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को वह केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष भी उठाएंगे।