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Kullu News: पारंपरिक पकवानाें की खुशबू से महकी घाटी, मेलों का आगाज

Wed, 17 Sep 2025 06:32 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू। आपदा ने इस बार कुल्लू वासियों को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। मंगलवार को बुरी यादों को पीछे छोड़ कुल्लू में सायर पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिला वासियों ने देवी-देवताओं के देवालयों में और घरों में बुजुर्गों को जूब देकर आशीर्वाद लिया। वहीं घरों में पारंपरिक पकवान तैयार किए, जिन्हें मेहमानों को परोसा गया। पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू से घाटी महक उठी।
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सायर पर्व की लोगाें ने एक दिन पहले ही तैयारियां आरंभ कर दी थी। मंगलवार को सुबह सबसे पहले देवी-देवताओं का पूजन हुआ। देवता को जूब देने के साथ भोग लगाया गया। इसके बाद घर के बड़े बुजुर्गों को जूब (एक प्रकार की घास) दी। गांवों में जूब देने के लिए एक-दूसरे के घरों में आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। मेहमानों को घरों में भल्ले, घी, सिड्डू आदि दिए गए। वहीं दूसरी ओर से सायर संक्रांति से जिला कुल्लू में शौयरी मेलों का भी आगाज हो गया है। शौयरी मेले घाटी के कई गांवों में मनाए जाएंगे। पड़ेई, ब्यासर, सौर, तांदला आदि गांवों में शौयरी मेले होंगे। घाटीवासी मोहन लाल ठाकुर, अमर सिंह, प्रेम चंद और रविंद्र सिंह ने कहा कि सायर पर्व की कुल्लू में धूम रही। सात दिनों तक ग्रामीण इलाकों में सायर पर्व चलेगा। उन्होंने कहा कि प्राचीन परंपराओं और रीति-रिवाजों को हमें उत्साह और जोश के साथ मनाना चाहिए। खास बात यह रही कि आपदा के बीच लोगों ने सब कुछ भूलकर पर्व को मनाया। वहीं जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी महंत का कहना है कि देवालयों में देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना हुई। देवी-देवताओं से घाटी के लोगों ने सुख-शांति की कामना की है।
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