संवाद न्यूज एजेंसी
कुुल्लू/खराहल। जिले के बागवान आजकल बगीचों में नए पौधे लगाने में व्यस्त हैं। नए पौधों को बगीचों में लगाने का कार्य मार्च के प्रथम सप्ताह तक जारी रहेगा। बागवानों को नए पौधों रोपित करते समय विशेष एहतियात बरतने की जरूरत होती है। अच्छी पैदावार और नई किस्मों का चयन भी अहम है। लिहाजा बागवान पंजीकृत नर्सरी से ही सेब, जापानी, प्लम व अन्य फलदार पौधों को खरीदें।
बागवान इन दिनों सेब, नाशपाती, जापानी और प्लम के पौधों को लगाने में जुटे हैं। बागवान नवीनतम जानकारी के आधार पर ही अच्छी किस्म का चयन करें। बागवानी विभाग के विशेषज्ञों ने बागवानों को सलाह दी है कि पंजीकृत व सरकारी नर्सरी से ही पौधों की खरीद करें। बता दें कि जिले में सैकड़ों नर्सरियां चल रही हैं, जहां पर पौधों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं होती है। इसलिए बागवान पंजीकृत व सरकारी नर्सरी से ही पौधों की खरीद फरोख्त करें, जिससे पौधों में संजो स्केल, बुली एफेड, यूरोपियन रेड और छिद्रक जैसे कीटों का प्रकोप न हो। इसके साथ ही नए पौधे हरी रूट, क्राउनगाल, कालररॉट कैंकर जैसे रोगों से मुक्त होने चाहिए। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. बीएम चौहान ने कहा कि रोग रहित, सरकारी व पंजीकृत नर्सरी से ही पौधों की खरीद करें। रोग रहित पौधों का विकास संतोषजनक होता हैं। बीमारियों से लड़ने की क्षमता अधिक होती है और गुणवत्ता भी बेहद अच्छी होती है।
बागवान पौधों की जड़ों पर दें विशेष ध्यान
बागवान पौधों की जड़ों पर भी विशेष ध्यान दें। इनमें किसी प्रकार की गांठ और सड़न नहीं होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि पौधों को लगाने से पहले उन्हें मिट्टी में दबा कर रखें, जिससे इनमें पर्याप्त बनी रहे। बागवान अमित, राज किशोर, कर्मचंद, ज्ञान ठाकुर का कहना है कि नए बगीचों को लगाने के लिए इन दिनों गड्ढे खोदने का काम चल रहा है और पौधों को पंजीकृत नर्सरी से ही खरीदा जा रहा है।