बोले- पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा असर, बोले- सबसे कमाई वाला है यह रूट
केलांग डिपो ने निदेशक को भेजा है पत्र, पहले डीसी की मंजूरी से शुरू होती थी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। दिल्ली-लेह रूट पर चलने वाली एचआरटीसी के केलांग डिपो की बस सेवा जून में भी शुरू नहीं हो पाई है। इससे जिले के पर्यटन व्यवसाय पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यह रूट निगम की सबसे ज्यादा कमाई करने वालों में से एक है। बस सेवा शुरू न होने से होटल, होम स्टे और अन्य पर्यटन कारोबारी हताश हैं।
केलांग डिपो प्रबंधन ने यह रूट शुरू करने के लिए निदेशक को अनुमति के लिए पत्र लिखा है, लेकिन अभी इसका जवाब नहीं मिला है। इससे पहले क्षेत्रीय प्रबंधक लाहौल-स्पीति के उपायुक्त की अनुमति और बीआरओ का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद रूट शुरू कर देते थे, लेकिन पहली बार निदेशक स्तर से मंजूरी के लिए पत्र भेजा गया है।
होम स्टे एसोसिएशन के अध्यक्ष रिगजिन हायरपा, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष तंजिन कारपा, होटल व्यवसायी टशी ने मांग की है कि बस सेवा शुरू की जाए।
टूरिज्म कारोबारियों में मायूसी
लाहौल में पर्यटन सीजन मई से सितंबर तक रहता है। इस दौरान दिल्ली-लेह रूट पर चलने वाली बस सेवा पर्यटकों की पहली पसंद होती है। यह सेवा न केवल सस्ती होती है, बल्कि पर्यटकों को मनाली से लाहौल और लेह तक के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने का शानदार अवसर भी देती है।
स्थानीय प्रशासन और निगम पर सवाल
स्थानीय लोगों और कारोबारियों ने निगम और प्रशासन से सवाल उठाए हैं कि जब हर साल बिना किसी अड़चन के यह सेवा शुरू होती थी तो इस बार इसे शुरू करने के लिए नई प्रक्रिया क्यों अपनाई गई। होटल संचालक दोरजे, अमर, शरब का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही पर यह सीधा असर डाल रहा है। पहले ही लाहौल में पर्यटन की गति धीमी है।
केलांग डिपो के आरएम आयुष उपाध्याय ने कहा कि बस सेवा शुरू करने के लिए निदेशक ट्रांसपोर्ट से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।