कुल्लू में बारिश थमने के बाद शिक्षा बनी संघर्ष, पीठ पर बस्ते उठा पैदल स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थी
कॉलेज और आईटीआई तक पहुंचना बना आफत, रोज घंटों पैदल सफर की देनी पड़ रही परीक्षा
राजीव नैय्यर
कुल्लू। बारिश थमी तो आसमान साफ हुआ मगर शिक्षा का रास्ता और धुंधला पड़ गया। कुल्लू जिले के हजारों छात्र-छात्राएं इन दिनों न किताबों की चिंता कर पा रहे हैं, न परीक्षा की। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल कक्षा तक पहुंचने का है।
कुल्लू-मनाली से लेकर सैंज-बंजार और शमशी से हरिपुर तक, हाईवे और संपर्क सड़कें या तो पूरी तरह बंद हैं या मलबे से दबी हैं। बस सेवाएं ठप हैं। विद्यार्थियों को हर सुबह कंधे पर बैग नहीं बल्कि हौसला लादकर मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। जिन स्कूलों और कॉलेजों में कभी घंटी बजती थी, वहां अब हाजिरी कम और हिम्मत ज्यादा गिनी जा रही है।
राजकीय महाविद्यालय कुल्लू, बंजार, सैंज, जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय हरिपुर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शमशी, सैंज, कुल्लू और पतलीकूहल के अलावा राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेउबाग के साथ सैकड़ों प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़कें कई जगह प्रभावित हैं। विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को कई घंटों तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। रायसन से मनाली तक हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। राइट बैंक में बस सेवा बंद होने से हरिपुर महाविद्यालय और बहुतकनीकी संस्थान तक पहुंचना आफत है। उपमंडल बंजार में हाईवे 305 के साथ अधिकतर संपर्क सड़कें बंद हैं। बंजार कॉलेज तक पहुंचने वाली सड़क ही बंद हैं। इसी उपमंडल में सैंज क्षेत्र की सभी सड़कें बंद हैं। सैंज महाविद्यालय तक पहुंचने में बंद सड़कें बाधा बन रही है। लगघाटी, खराहल, महाराजा, पाहनाला क्षेत्र में भी बसें आधा रास्तों तक चल रही हैं। सड़कें बंद हैं। विद्यालयों में भी विद्यार्थियों की संख्या बड़े शिक्षण संस्थानाें की तरह कम दर्ज हो रही है। उधर, उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को सड़क बहाली के कार्य में तेजी लाने को कहा कि गया है।