5400 से बढ़कर 5,900 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा सरिया, लोगों को जेब करनी पड़ेगी ढीली
जिले के विकास कार्याें पर भी पड़ेगा असर, बढ़ जाएगी लागत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। महंगाई के चलते घर बनाना लोगों के लिए और भी महंगा हो गया है। हाल में सीमेंट के दामों में हुए इजाफे के बाद करीब दो सप्ताह में ही अब सरिया भी महंगा हो गया है। सरिये के दाम प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपये तक बढ़े हैं। 5400 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाला सरिया 5900 रुपये तक मिल रहा है। इससे लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सीमेंट के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं।
जिन लोगों ने निजी निर्माण कार्य शुरू किए थे, उन्हें सरिया महंगा होने के चलते अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। कुल्लू जिले में निर्माण कार्यों ने जोर पकड़ा हुआ है। नौ महीने पहले आपदा के दौरान कुल्लू में 550 से अधिक मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके साथ ही करीब 2500 मकानाें को आंशिक रूप से क्षति पहुंची थी।
गांवों के कई रास्ते, पुल, संपर्क सड़कें आदि अभी भी क्षतिग्रस्त हैं। सीमेंट और सरिया महंगा होने की मार लोगों पर पड़ेगी। लाहौल-स्पीति जिले में सर्दियों के दौरान बर्फबारी अधिक रहती है। कुल्लू में सर्दियों के दौरान अधिक निर्माण कार्य नहीं होते। अप्रैल से लेकर अक्तूबर, नवंबर तक ही अधिकतर निर्माण कार्य होते हैं। महंगा सरिया होने से विभिन्न विभागों की ओर से भी कई विकास कार्यों पर इसका असर देखने को मिलेगा।
इस संबंध में भारत एजेंसी के संचालक एवं व्यापार मंडल कुल्लू के पूर्व अध्यक्ष राकेश कोहली ने कहा कि अप्रैल शुरू होने के बाद सरिये के दाम प्रति क्विंटल बढ़े हैं। मार्च तक सरिये के दामों में इजाफा नहीं हुआ था।
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छह महीने पहले भी बढ़े थे रेत बजरी के दाम
आपदा के बाद तीन महीने तक स्टोन क्रशर बंद रहे। जब स्टोन क्रशर बहाल हुए तो रेत, बजरी के दामों में इजाफा हुआ। बजरी का 5500 रुपये में मिलने वाला टिपर 7000 रुपये तक जबकि 6000 में मिलने वाला रेत का टिपर 7500 रुपये तक पहुंच गया है।
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