रोहतांग दर्रा को फतह करने के लिए 20 किलोमीटर की दूरी शेष
डिम्फुक, रमथांग और कोकसर में बिजली बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल की तरफ से रोहतांग दर्रा को बहाल करने में जुटी सीमा सड़क संगठन की मशीनरी कोकसर पहुंच गई है। बीआरओ को टनल के नॉर्थ पोर्टल से कोकसर पहुंचने में लगभग दो सप्ताह का समय लगा है। बीआरओ की 70 आरसीसी की मशीन के कोकसर पहुंचने से अब पर्यटक भी जल्द बर्फ में अठखेलियां करते नजर आएंगे।
छह अप्रैल शाम तक बीआरओ ने डिंफुक नाला के 400 मीटर और 30 से 40 फीट ऊंचे हिमखंड को भेदकर कोकसर के समीप पुल तक अपनी मशीनरी पहुंचा दी थी। सोमवार को अभियान में तेजी लाते हुए टीम कोकसर बाजार से आगे बढ़ ग्रांफू की तरफ निकली है। अब बीआरओ को रोहतांग दर्रा फतेह करने के लिए 20 किलोमीटर से भी कम की दूरी तय करनी है। इसके लिए बीआरओ की चार मशीनें बर्फ हटाने में लगी है। बीआरओ को आगे की डगर आसान नहीं है। 20 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 10 से 20 फीट ऊंची बर्फ की दीवार को हटाना होगा। इसके अलावा घुमावदार सड़क पर कई जगह भारी और कई स्थानों पर सामान्य हिमखंडों को काटकर यातायात बहाल करना होगा। कोकसर पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की और बीआरओ के अधिकारी सहित कर्मियों का आभार जताया है। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरुपा, उपप्रधान प्रदीप सहित जिप सदस्य निर्मला ने भी कोकसर पहुंचने पर बीआरओ की 70 आरसीसी का धन्यवाद किया है। ग्रामीण दोरजे, टशी, अनिल, सुनील ने लोकनिर्माण विभाग को डिंफुक से कोकसर गांव दो किलोमीटर संपर्क सड़क को जल्द बहाल करने की मांग की है। डिंफुक, रमथांग और कोकसर कर लिए बिजली और फोन सुविधा भी जल्द बहाल कर राहत देने की मांग की है।