इस साल तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से पहुंचा फसल को नुकसान
जिला में 2,200 हेक्टेयर में होती है प्लम की खेती, बागवान हो रहे चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले में इस वर्ष मौसम खराब रहने से प्लम की फसल प्रभावित हुई है। इससे बागवानों की बंपर फसल की उम्मीद को झटका लगा है। बिगड़े मौसम से करीब 60 फीसदी फसल को नुकसान होने का अनुमान है।
प्लम के पौधाें पर फ्लावरिंग के समय भारी बारिश के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव होने से प्लम की सेटिंग को काफी नुकसान हुआ हैै।
बागवानों का कहना है कि जब पौधों पर भरपूर फूल खिले थे, उस समय एकाएक बारिश और अचानक ठंड होने के कारण फल बनने की प्रक्रिया को नुकसान हुआ है। जिले में प्लम की फसल लगभग 2,200 हेक्टेयर भूमि पर हो रही है। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लावरिंग के समय तापमान सामान्य न रहने के कारण फल की सेटिंग आशा के अनुरूप नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भरपूर फूल खिलने के समय तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहना जरूरी है। इस बार ऐसी अवस्था में कुल्लू जिले में पारा लुढ़कने से प्लम के फूलों पर नकारात्मक असर पड़ गया। इस कारण 60 फीसदी सेटिंग को नुकसान पहुंचा है। बागवान अमित ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, मनीष भंडारी, महेश शर्मा, बुद्धि प्रकाश शर्मा, चमन ठाकुर,सुरेश ठाकुर, देवराज नेगी और रितेश ठाकुर का कहना है कि उतार-चढ़ाव वाले तापमान के कारण प्लम फसल को नुकसान पहुंचा है।
सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर बताते हैं कि फ्लावरिंग के वक्त तापमान उचित न रहने से फसल को क्षति हुई है। कहा कि उत्पादन कम होने से बागवानों को आर्थिक नुकसान होगा।
बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि फ्लावरिंग के समय तापमान सामान्य न रहने से थोड़ा फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में उत्पादन भी प्रभावित होगा। विभाग ने सभी खंडों से रिपोर्ट मांगी है।