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कुल्लू अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित

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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में स्थापित मशीन।-संवाद - फोटो : Kullu
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कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट स्थापित कर दी गई है। इससे अब रक्त को चार भागों में विभाजित किया जाएगा। इसका अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों को फायदा मिलेगा।
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आपात स्थिति में भी मरीजों को रक्त की कमी बाधा नहीं बनेगी। कुल्लू में अब एक यूनिट रक्त चार जिंदगियों को बचाएगा। पूर्व में रक्त के रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट को अलग-अलग विभाजित करने की सुविधा नहीं थी। यूनिट लगने से ऐसा करना संभव हो जाएगा। बता दें कि अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का काम पूरा कर लिया गया है। यूनिट में आधुनिक मशीनों को इंस्टॉल भी कर दिया है। रक्त का विभाजन कर तत्वों को अलग-अलग करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि मरीज की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड की पूरी यूनिट चढ़ाई जाती रही है, लेकिन सेपरेशन यूनिट में रक्त की एक यूनिट को चार अलग-अलग भागों में बांटा जाता है। इसके बाद, जरूरतमंद मरीजों को सिर्फ वहीं तत्व चढ़ाया जाता है जिस तत्व की रक्त में कमी हो, जिसके चलते एक यूनिट रक्त से चार मरीजों का उपचार करना संभव हो जाएगा। ऐसे में अस्पताल में रक्त की कमी भी नहीं आएगी। मरीजों के तीमारदारों को रक्त के लिए भटकना भी नहीं पड़ेगा।
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इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश ने कहा कि रक्त में चार कंपोनेंट पाए जाते हैं, जिनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्त की परत को अलग-अलग किया जाता है। ऐसे में एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी की जा सकती है। आम मरीजों को सेपरेशन यूनिट से फायदा मिलेगा।

कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में स्थापित मशीन।-संवाद- फोटो : Kullu

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