खराहल (कुल्लू)। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए देवी-देवताओं के कारकूनों और हारियानों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देवाधिदेव बिजली महादेव 19 अक्तूबर को अपने देवालय से दशहरा उत्सव के लिए रवाना होंगे।
पहले पड़ाव में धार्ठ में रात्रि ठहराव होगा। 20 अक्तूबर को पूजा-अर्चना के बाद देवता ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच सैकड़ों हारियानों के साथ देव महासंगम में शामिल होने के लिए प्रस्थान करेंगे।
शाम को देवता सुल्तानपुर स्थित रघुनाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां राज परिवार की ओर से उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। देवता का रात्रि ठहराव रघुनाथ मंदिर में होगा।
21 अक्तूबर को सुबह पूजा-अर्चना के बाद बिजली महादेव सैकड़ों हारियानों के साथ रघुनाथ की पालकी के साथ अठारह करडू के सौह ढालपुर के लिए रवाना होंगे। यहां देवता रघुनाथ की भव्य रथयात्रा में शामिल होंगे।
इसी दिन घाटी के जुआणी महादेव भी अपने देवालय न्योली से सैकड़ों हारियानों के साथ ढोल की थाप पर ढालपुर के लिए कूच करेंगे। दशमी वारदा, बिंडू देवता काईस, राउगी नाग और माता काली ओड़ी अरछंडी भी इसी दिन ढालपुर पहुंचकर रघुनाथ की चाकरी में हाजिरी भरेंगी।
बिजली महादेव के कारदार वीरेंद्र जंबाल ने बताया कि देवता 19 अक्तूबर को अपने देवालय से रवाना होंगे। इसके लिए देवता के देवलुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कारकून भी उत्साहित हैं।
रथयात्रा में बिजली महादेव की अहम भूमिका
कुल्लू दशहरा उत्सव के देव महाकुंभ में बिजली महादेव की अहम भूमिका रहती है। रघुनाथ की रथयात्रा में बिजली महादेव पहले पायदान पर बाईं ओर चलते हैं, जबकि दूसरे स्थान पर जुआणी महादेव रथयात्रा में शामिल होते हैं।