खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता देवाधिदेव बिजली महादेव रघुनाथ की नगरी कुल्लू पहुंच गए हैं। सैकड़ों हारियानों के साथ ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच शनिवार को अपने देवालय धारठ से देव महाकुंभ दशहरा के लिए रवाना हुए। देवता का जगह-जगह लोगों ने भव्य स्वागत किया। बिजली महादेव एक दिन पहले ही दशहरा के लिए सुल्तानपुर पहुंचते हैं।
देवता का रात का ठहराव रघुनाथपुर में ही हुआ। बिजली महादेव की दशहरा में अहम भूमिका रहती है। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में बिजली महादेव पहले पायदान पर बायीं तरफ चलते हैं। लंका दहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। शनिवार शाम को देवता रघुनाथ की नगरी पहुंचे जहां पर देवता का भव्य स्वागत किया गया।
देवता के कारदार विनेंद्र जंबाल ने कहा कि देवता बिजली महादेव से रविवार को अन्य देवी-देवताओं का देवमिलन होगा। दोपहर बाद भगवान रघुनाथ के संग बिजली महादेव ढालपुर में आएंगे। देवता ढालपुर में अस्थायी शिविर में लंका दहन तक रहेंगे और देव परंपरा का निर्वहन बखूबी निभाएंगे। घाटी के जुआणी महादेव, दशमी वारदा, ब्रिंडू देवता, राउगी नाग, माता काली ओड़ी अरछड़ी आदि देवता रविवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद ढालपुर के लिए रवाना होंगे। संवाद