जिला कुल्लू की रघुपुर घाटी भारी बर्फबारी के बीच कैद हो गई है। घाटी की सात पंचायतों में ब्लैक आउट चल रहा है। इसके अलावा यहां का संपर्क गांव के साथ उपमंडल और जिला मुख्यालय से भी पूरी तरह के कट गया है। पांच दिन बाद भी ग्रामीण इलाकों के हालत जस के तस बने हैं। ग्रामीण अपने घरों में दुबकने को विवश हैं। ब्लैक आउट, सड़कों के बंद होने तथा पेयजल समस्या से घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। पंचायतों को जोड़ी गई बिजली की लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। कई जगहों पर बिजली बोर्ड के पोल टूट गए हैं। मंगलवार को घाटी की फनौटी, करशैईगाड़, लगौटी, खनाग, मुहान, कराड़ और टकरासी पंचायतों में बर्फ के ताजा फाहे गिरे हैं।
दो से चार फुट बर्फ की मोटी परत पर करीब 15 हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। एक गांव का दूसरे गांव तक जाना खतरनाक हो गया है। घाटी के लोगों को 13 दिसंबर 2014 को हुई भारी बर्फबारी के बाद हुए ब्लैक आउट के दिन याद आ गए हैं। ग्रामीण रमेश ठाकुर, खेम राज, तिलक राज, ओम प्रकाश, केसर चंद, हंस राज, गगन साहसी, दिलीप सिंह तथा ध्यान सिंह ठाकुर ने कहा कि भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। अंधेरे में लोगों को गुजर बसर करना कठिन हो गया है। वहीं, घाटी को जोड़ने वाली सभी सड़कें बर्फ के आगोश में समा गई है। जिसके चलते पुरी रघुपुर घाटी का संपर्क उपमंडल आनी के साथ जिला मुख्यालय कुल्लू से कटा हुआ है। पेयजल किल्लत के परेशान लोगों को मीलों दूर बर्फ के बीच नदी-नालों से पानी ढोना पड़ रहा है। स्थानीय विधायक खूब राम आनंद ने कहा कि बर्फ से बंद हुई बिजली, पानी और सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।