हिलिंग हिमालया के साथ मिलकर लगाया जा रहा एमआरएफ सेंटर
बीडीओ, प्रदूषण बोर्ड व अन्य अफसरों के साथ बैठक में लिया लिर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की बरशैणी पंचायत पहली ऐसी पंचायत बनी है, जिसने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नियम बनाए हैं। पंचायत ने ठोस कचरा एकत्रित करने के लिए योजना बनाई है। हिलिंग हिमालय नाम की संस्था के साथ मिलकर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए एमआरएफ सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे ठोस कचरे को एकत्रित कर निष्पादन किया जा सके।
दरअसल, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत पंचायत को स्वच्छ बनाने के लिए बरशैणी पंचायत की विशेष बैठक हुई। इसमें खंड विकास अधिकारी भुंतर गौरव धीमान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता सुनील शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन कुल्लू के जिला परियोजना समन्वयक इंद्र देव और हीलिंग हिमालया के प्रदीप सांगवान विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन रुल-2016 अनुसार ग्राम पंचायत की अपनी नियमावली को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए। ऐसे में बरशैणी पंचायत ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर नियमावली बनाने वाली जिले की पहली पंचायत बनी है।
इस नियमावली में कचरा संग्रहण, छंटाई, ट्रांसपोर्टेशन, मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी, यूजर चर्जिस, ग्राम पंचायत की जिमेदारी, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी और एमआरएफ की जिम्मेदारियों को सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बरशैणी में सूखे कचरे के प्रबंधन को लेकर हीलिंग हिमालया संस्था ने एमआरएफ सुविधा तैयार की है। शीघ्र इसे संचालित करने की तैयारी है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायत का ठोस कचरा प्रबंधन किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी भुंतर गौरव धीमान का कहना है कि यह जिला और विकास खंड भुंतर में ठोस कचरा प्रबंधन की पहली सुविधा तैयार हुई है। इसके सफल संचालन के लिए सभी ग्राम वासियों से सहयोग का आग्रह किया है।