नगर परिषद मनाली की बैठक की अध्यक्षता करते अध्यक्ष मनोज लारजे। -संवाद
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली को स्वच्छ बनाने के लिए नगर परिषद ने डिस्पोजेबल कप-प्लेट आदि के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अध्यक्ष बनने के बाद मनोज की अध्यक्षता में हुई जनरल हाउस की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया है। अगर कोई डिस्पोजेबल सामग्री का प्रयोग करता है तो उसे नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में शहर के विकास से जुड़े अन्य कई मुद्दों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। अध्यक्ष मनोज लारजे ने कहा कि डिस्पोजेबल प्लेट और गिलास से शहर में गंदगी फैला रही है। डिस्पोजेबल में खाद्य सामग्री खरीदने के बाद पर्यटक इसे यहां-वहां फेंक देते हैं। इससे गंदगी फैला रही है। लिहाजा नगर परिषद ने पूरे शहर में डिस्पोजेबल सामग्री के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जनरल हाउस में प्रस्ताव पारित करने के बाद बाकायदा स्थानीय कारोबारियों से भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि शहर में कुछ ऐसे स्थान है, जहां लोग कूड़ा फेंकते है। शहर के ऐसे हॉट स्पॉट बंद किए जाएंगे और कूड़ा फेंकने पर जुर्माना लगेगा। निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि दुकानों और होटलों से सारा कूड़ा उठाया जाएगा। बैठख में शहर की गलियों और सड़कों पर पैवर लगाने, नालों के तटीकरण का फैसला हुआ है। एनएसी मार्किट से शवगृह तक फ्लाई ओवर पैदल पुल बनाया जाएगा। भूतनाथ मंदिर में मोक्ष धाम का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
मालरोड में है सबसे अधिक दिक्कत
मनाली के मालरोड पर डिस्पोजेबल सामग्री के प्रयोग से सबसे अधिक गंदगी फैल रही है। सिड्डू, मोमोज, चाट, चना-भटूरा आदि डिस्पोजेबल में बेचा जा रहा है। पर्यटक खाद्य सामग्री लेने के बाद प्लेट्स आदि को वहीं फेंक रहे हैं। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों में भी इस तरह की दिक्कत रहती है।