अटल टनल का निर्माण प्रतिदिन करीब 4,500 वाहनों की डिजाइन क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया था, जिसमें 3,000 हल्के और 1,500 भारी वाहन शामिल हैं। हालांकि, पर्यटन सीजन में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इससे सुरंग में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ जाम, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
टनल बनने के बाद लाहौल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले रोहतांग दर्रा बंद होने के बाद नवंबर से अप्रैल तक घाटी लगभग यातायात मुक्त रहती थी, लेकिन अब सर्दियों में भी हजारों वाहन रोजाना टनल से गुजर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित ट्रैफिक भविष्य में पर्यावरणीय दबाव और संभावित आपदाओं का कारण बन सकता है। उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि अटल टनल में क्षमता से अधिक वाहनों की आवाजाही हो रही है, जिससे सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाने की दिशा में काम कर रहा है।
हिमाचल पर्यटकों से गुलजार
हिमाचल प्रदेश में समर पर्यटन सीजन चरम पर है। शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा, कसौली, चायल, डलहौजी और रोहतांग टनल सैलानियों से गुलजार हैं। बढ़ती पर्यटको की संख्या के कारण कई स्थानों पर होटल लगभग फुल हो चुके हैं, जबकि आगामी वीकेंड के लिए भी एडवांस बुकिंग तेजी से हो रही है। शिमला के होटलों में शनिवार को ऑक्यूपेंसी 80 से 90 फीसदी तक पहुंच गई, रविवार को भी 80 फीसदी तक होटलों के कमरे बुक रहे।
मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि शहर में 80 से 90 फीसदी तक होटलों के कमरे बुक हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुर ने पर्यटकों को सलाह दी है कि ऐसे पर्यटक जो परिवार के साथ पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं, कमरों की एडवांस बुकिंग जरूर करें। बर्फ का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रोहतांग टनल, सिस्सू और बारालाचा दर्रे की ओर भी रुख कर रहे हैं। शनिवार को करीब 19 हजार वाहन कुल्लू और मंडी की ओर रवाना हुए, रविवार को भी 11 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।