स्तनपान और बीमारी के लक्षणों की पहचान करना बताएंगी
39 कार्यकर्ताओं ने सीएचसी सैंज में लिया विशेष प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गृह आधारित देखभाल कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत आशा कार्यकर्ता प्रसव के पश्चात माता का स्वास्थ्य, स्तनपान, शिशु की आवश्यक देखभाल, परिवार नियोजन और शिशु में बीमारी के लक्षणों की पहचान 15 माह तक करेंगी। यह बात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज (सीएचसी) प्रभारी डॉ. वरुण ने कही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज में 39 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। पूर्व में आशा कार्यकर्ता 42 दिन गृह आधारित नवजात शिशु की देखभाल करती थी, लेकिन अब उन्हें 15 माह तक के शिशुओं की देखभाल करनी पड़ेगी।
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राकेश शर्मा ने कहा कि 15 माह तक के शिशु की देखभाल के दौरान क्या-क्या सावधानियां जरूरी हैं। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त आशा कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर महिलाओं को भी प्रशिक्षित करेंगी और शिशु के पोषण, स्वास्थ्य और बीमारी के लक्षणों की पहचान करना बताएंगी। वहीं, डॉ. वरुण ने कहा कि शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के चलते गृह भ्रमण की योजना, स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, शिशु को दिए जाने वाले सही पोषण, ऊपरी आहार, टीकाकरण, शिशु की वृद्धि की निगरानी, तीन, छह, नौ, 12 व 15 माह के शिशुओं का गृह भ्रमण, मासिक रिपोर्टिंग आदि का विशेष प्रशिक्षण आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया।