कुल्लू के मणिकर्ण घाटी के शाट सब्जी मंडी में सेब की पैकिंग करते हुए
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी की सब्जी मंडी शाट का भवन बहने के बाद अब शेडों में सेब का लाखों का कारोबार शुरू हो गया है। मंडी में अब तक 2000 सेब के बॉक्स पहुंचे हैं। यहां पर अधिकतम 20 किलो के सेब बॉक्स का बागवान को 2680 रुपये जबकि न्यूनतम 600 रुपये तक दाम मिला है। औसत यहां पर एक बॉक्स के दाम बागवान को 1500 रुपये मिल रहे हैं।
कारोबार शुरू होने से मणिकर्ण घाटी की 15 पंचायतों के किसानों-बागवानों को राहत मिली है। तीन सप्ताह पहले पार्वती नदी की बाढ़ में सब्जी मंडी का भवन ताश के पत्तों की तरह बह गया था। अब शेड बना दिए गए हैं। इनमें कारोबार होने लगा है।
मंडी का भवन बहने के बाद बागवानों को नाशपाती करीब 30 किलोमीटर दूर भुंतर सब्जी मंडी में बेचनी पड़ी। अब घाटी के बागवान घर-द्वार पर ही सेब बेच सकेंगे। मणिकर्ण घाटी के किसानों और बागवानों की समस्या को देखते हुए ही घाटी में सब्जी मंडी बनाई गई है। सब्जी मंडी होने से बागवानों-किसानों को भुंतर, बंदरोल में नहीं जाना पड़ता है। शाट सब्जी मंडी में अब तक 2,000 से अधिक सेब बॉक्स पहुंच चुके हैं।
मणिकर्ण घाटी के बागवान किशन ठाकुर, ठाकुर चंद ने कहा कि बाढ़ में बही शाट सब्जी मंडी में सेब का कारोबार शुरू हो चुका है। बागवान यहां पर अपने उत्पाद बेचने के लिए ला रहे हैं। सीजन में बागवानों को यहां पर बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सब्जी मंडी शाट की शॉप नंबर 5 के आढ़ती जीत राम ने कहा कि बागवानों को शाट सब्जी मंडी में अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के व्यापारी भी सेब की खरीद के लिए यहां पर पहुंच रहे हैं।
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बाढ़ में सब्जी मंडी शाट का भवन बह जाने के बाद अन्य मंडियों की तरह शाट सब्जी मंडी में सेब कारोबार शुरू हो गया है। घर-द्वार पर बागवानों को उत्पादों के बेहतर दाम मिले, इसके लिए एपीएमसी की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
-शगुन सूद, सचिव, एपीएमसी कुल्लू, लाहौल-स्पीति