कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे जिले के हजारों बागवानों की आजीविका पर असर पड़ रहा है। भाजपा प्रदेश सह प्रभारी दानवेंद्र सिंह ने कहा कि बागवानों को मंडियों में सेब के दाम औने-पौने मिल रहे हैं। बाजार में आढ़तियों की ओर से तय किए गए दामों पर सेब बेचना पड़ रहा है।
इससे बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस सरकार ने बागवानों को अपने सेब की कीमतें खुद तय करने का अधिकार देने का वादा किया था। इस साल हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और बारिश की कमी के कारण सेब की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई।
आवश्यक चिलिंग आवर्स की कमी के कारण फसल का उत्पादन कम रहा है। मौसम केे कारण सेब की गुणवत्ता भी खराब हुई है। करीब 65 फीसदी सेब डी-ग्रेड का है। उन्होंने प्रदेश सरकार से सेब की फसल को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। संवाद