समय पर मंडियों में न पहुंचने से गिर रही सेब की गुणवत्ता, नहीं मिल रहे बेहतर दाम
मनाली-चंडीगढ़ एनएच की हालत और मौसम की मार ने संकट में डाला सेब सीजन
घंटों तक फंस रहे सेब से लदे वाहन, मनाली से मंडी पहुंचने में लग रहे दस से 12 घंटे
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। बागवानों की मेहनत बगीचों में पक रही है लेकिन रास्तों की दुर्दशा से उनका फल मंडियों तक पहुंचने से पहले ही मुरझा रहा है। मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की हालत और मौसम की मार ने सेब सीजन को संकट में डाल दिया है।
समय पर मंडी न पहुंचने से न सिर्फ सेब की गुणवत्ता गिर रही है, बल्कि इसके दाम भी बागवानों की उम्मीद से आधे रह गए हैं। लगातार हो रही बारिश और मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की खस्ता हालत ने सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। समय पर सेब मंडियों में न पहुंचने से बागवानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। उधर, पहले बारिश के कारण बागवान बगीचों से सेब नहीं तोड़ पा रहे थे, अब खराब पड़ीं सड़कें सेब की लाली को लूट रही हैं। बागवानों ने मंडी और कुल्लू प्रशासन से सड़क को 24 घंटे खुला रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। कुल्लू से मंडी तक एनएच पर जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। कंडी-कटौला सड़क भी सफर के लिए खतरनाक बनी हुई है।
कुल्लू-मंडी मुख्य मार्ग पर वाहनों को समय सीमा के तहत छोड़ा जा रहा है। इससे सेब से लदे वाहन घंटों तक फंस रहे हैं। मनाली से मंडी पहुंचने में दस से 12 घंटे लग रहे हैं। गाड़ियां फंसने से सेब की गुणवत्ता खराब हो रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए अधिकतर बागवानों ने सेब का तुड़ान रोक दिया है। सेब बगीचों में ही काला पड़ने लगा है। धूप नहीं होने से कई जगह सेब में रंग भी नहीं आ रहा। सेब के पेड़ों में पत्ते काले पड़ने लगे हैं।
मनाली से मंडी तक सेब पहुंचाने में देरी हो रही है। लगातार बारिश के कारण तुड़ान नहीं हो रहा है। मंडी में बार-बार मार्ग बंद होना भी भारी पड़ रहा है। सेब समय पर मंडियों में न पहुंचने से उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। 80 से 90 रुपये किलो बिकने वाला सेब 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। - बुद्धि प्रकाश
मंडी में फोरलेन जगह-जगह ध्वस्त हो गया है। मनाली से मंडी पहुंचने में दस से 12 घंटे लग रहे हैं। कुछ घंटे मनाली की ओर से मंडी तो कुछ घंटे मंडी की ओर से कुल्लू के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं। सेब से लदीं गाड़ियां फंस रही हैं। कुल्लू और मंडी प्रशासन को सड़क बहाल रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। - पन्ना लाल बागवान