कुल्लू। जिले की सब्जी मंडियों में अब सन्नाटा पसरने लगा है। जून-जुलाई में देश के अलग-अलग हिस्सों से कारोबारियों के पहुंचने के साथ शुरू हुआ सेब कारोबार अक्तूबर के अंत तक पूरी तरह सिमट गया है।
हालांकि अक्तूबर की शुरुआत से ही मंडियों में सेब की आमद कम होने लगी थी, जो अब महीने के अंत तक पूरी तरह बंद हो गई है। ऐसे में मंडियों में रौनक कम हो गई है और सेब खरीदने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से पहुंचे कारोबारियों, आढ़तियों और लदानियों ने भी वापसी की राह पकड़ ली है।
जिला कुल्लू में भुंतर, बंजार, खेगसू, बंदरोल, शाट, पतलीकूहल, चौरी बिहाल, निरमंड और जिला मुख्यालय कुल्लू के अखाड़ा बाजार में कुल नौ सब्जी मंडियां हैं। इनमें सेब कारोबार के लिहाज से बंदरोल सब्जी मंडी पहले स्थान पर रही।
वहीं, पतलीकूहल सब्जी मंडी दूसरे और आउटर सिराज क्षेत्र की खेगसू सब्जी मंडी तीसरे स्थान पर रही। सीजन के दौरान इन मंडियों में बाहरी राज्यों से आए कारोबारियों ने सेब की खरीद की और उसे विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया।
12 लाख से अधिक पेटियां मंडियों में पहुंचीं
जिलेभर की सब्जी मंडियों में इस सीजन के दौरान 12 लाख से अधिक पेटियां पहुंचीं। इनमें सबसे अधिक 4.46 लाख से अधिक पेटियां बंदरोल सब्जी मंडी में पहुंचीं। वहीं, पतलीकूहल सब्जी मंडी में 3.68 लाख से अधिक और खेगसू सब्जी मंडी में 2.57 लाख पेटियां पहुंचीं। सेब कारोबार सबसे पहले खेगसू सब्जी मंडी में सिमटा। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य मंडियों में भी सेब की आमद कम होती गई और अब सीजन पूरी तरह संपन्न हो गया है। मंडियों में सेब की आवक बंद होने के बाद कारोबारियों ने भी अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
अनार और जापानी पहुंच रहे
सेब कारोबारी अमर सिंह, विनोद कुमार और राम प्रकाश का कहना है कि जिले में सेब सीजन पूरी तरह सिमट चुका है और मंडियों में सेब आना बंद हो गया है। जिन मंडियों में अनार और जापानी फल पहुंच रहे हैं, वहां ही कुछ चहल-पहल बनी हुई है।
सेब सीजन पूरी तरह सिमट गया है। एपीएमसी की ओर से बागवानों को सब्जी मंडियों में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं, जिसके चलते मंडियों में अच्छी मात्रा में सेब पहुंचा है। -दीक्षित जरियाल, सचिव, एपीएमसी