कुल्लू।
बागबानी के लिए प्रसिद्ध कुल्लू घाटी में दो माह से बारिश नहीं हो रही है। सूखे जैसे हालात से बागबानी के साथ कृषि कार्य भी ठप पड़ गए है। नर्सरियों से पौधों की खरीद के अलावा खाद और कृषि उपकरण की बिक्री भी प्रभावित हो गई है। जिन्होंने सेब और नाशपाती के पौधे खरीदे हैं, वे बारिश के कारण पौधरोपण नहीं कर पा रहे हैं।
जिला में सेब और अन्य फलदार पौधों की नर्सरी में अभी तक मात्र 20 से 30 फीसदी तक पौधे बिके हैं। जो पिछले साल के मुकाबले 50 से 60 फीसदी कम है। इसे न केवल बागबानों और कृषकों की चिंता सताने लगी है बल्कि नर्सरी संचालक भी परेशान है। नवंबर माह से बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी नहीं होने से तौलिये बनाने के साथ सेब के नए बगीचे लगाने का कार्य आगे नहीं बढ़ रहा है। बता दें कि कुल्लू जिले में 51,000 हेक्टेयर में बागबानी और 20,000 हेक्टेयर में रबी की फसल की बुआई की जाती है।
खेतों में सूखा होने से बागबान न तो तौलिये बना पा रहे हैं और न ही नए पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोद पा रहे हैं। यही हाल कृषि में रबी फसल का है। सूखे को देखते हुए कृषि विभाग ने प्रारंभिक आकलन में 10 से 15 फीसदी नुकसान आंका है। इसमें सबसे अधिक नुकसान आनी खंड में आंका गया है, जहां जौ, गेहूं और लहसुन को 15 से 20 फीसदी तक नुकसान हुआ है। सब्जियां भी सूखे की चपेट में आ गई है। वहीं, नगदी फसल लहसुन के खेत भी पीले पड़ने लगे हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पंजबीर ठाकुर ने कहा कि प्रारंभिक नुकसान की रिपोर्ट में हर खंड नुकसान हुआ है। लहसुन के साथ सब्जियां, जौ गेहूं को दस से 20 फीसदी तक नुकसान आंका गया है।
मात्र 20,000 पौधे बिके
बागवानी विभाग में पंजीकृत कोटिया नर्सरी के संचालक एनएस कोटिया ने कहा कि वह सालाना करीब एक लाख पौधों की बिक्री करते हैं, लेकिन इस बार सूखे की मार साफ दिख रही है। नर्सरी के अभी तक मात्र 20,000 पौधे ही बिके हैं। हालांकि बुकिंग बहुत आई, मगर बागबान पौधों को लेने नहीं आ रहे हैं। वहीं, जैमिनी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सचिन ठाकुर ने कहा कि सूखे की वजह से कृषि उपकरण की बिक्री में कमी आई है। बारिश न होने से कृषि और बागवानी कामकाज लगभग ठप चल रहे हैं।
बारिश के लिए देवताओं की शरण में पहुंचे लोग
कुल्लू जिला में बारिश न होने से किसानों-बागबानों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। लोग बारिश के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। लोग अब अपने कुल देवी-देवताओं के पास बारिश की गुहार लगाने पहुंच रहे हैं। बागबान अमर सिंह, टेक सिंह, किशोरी लाल, दलीप सिंह और धर्म सिंह ने कहा कि सेब के बगीचों में सूखा होने से मात्र प्रूनिंग का कार्य हो रहा है। लोग अब देवता के पास बारिश के पहुंच रहे हैं। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि सूखे के कारण लोग देवताओं से बारिश की मांग कर रहे हैं।