दिसंबर और जनवरी का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन अभी बर्फबारी और बारिश नहीं हुई है। इस कारण सेब के चिलिंग आवर्स पूरे न होने का खतरा मंडराने लगा है।
सेब की फसल के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स पूरे न होने से अगली फसल पर भी असर पड़ेगा। अगर आने वाले दो सप्ताह तक स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाली सेब की फसल से जिला के बागवानों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की मानें तो सेब के लिए चिलिंग आवर्स का पूरा होना जरूरी है, लेकिन अभी तक मौसम शुष्क बना हुआ है। जिला के पहाड़ भी बर्फबारी के लिए तरस गए हैं, जबकि जनवरी माह का तीसरा सप्ताह भी समाप्त होने को हैं। गौर रहे कि जिला में 4200 हेक्टेयर में सेब की पैदावार होती है।
बागवान प्रीतम, चुन्नी लाल, नंदलाल ठाकुर, मानदास नैय्यर और कमलकांत शर्मा ने कहा कि अभी तक बर्फबारी और बारिश न होने के चलते बागवानों को निराशा का सामना करना पड़ा है। मौसम शुष्क रहने से इसका असर अगली फसल पर भी पड़ सकता है।
बागवानी विभाग के डीओ रोशन लाल शर्मा ने कहा कि मौसम अभी शुष्क बना हुआ है। दो सप्ताह तक बारिश, बर्फबारी नहीं होती है तो इसका असर सेब के जरूरी चिलिंग आवर्स पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अधिक गर्मी रहने से फ्लावरिंग भी जल्द होने का डर रहता है।