पतलीकूहल (कुल्लू)। जिले में सेब की फसल 60 फीसदी तक होने का अनुमान है। बागवानों ने कुल्लू और मनाली की करीब 50 ग्राम पंचायतों के बागवानों से लिए गए फीडबैक के आधार पर आकलन किया है।
लगातार कम हो रही पैदावार को लेकर अब बागवानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को फलोत्पादक मंडल कुल्लू का वार्षिक अधिवेशन बागवान भवन माहिली (पतलीकूहल) में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता फलोत्पादक मंडल के प्रधान महेंद्र उपाध्याय ने की। इसमें 500 से अधिक किसानों और बागवानों ने विभिन्न समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा की। प्रधान महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि बागवानों ने सेब की कम फसल पर चिंता जताई है। कम पैदावार का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन को बताया है। जंगलों में लग रही आग के कारण जलवायु में परिवर्तन की समस्या उत्पन्न हुई है। इसका सेब उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ा है।
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ऐसे में अधिवेशन में उपस्थित किसानों और बागवानों ने सर्वसम्मति से इस बरसात वन विभाग के साथ मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में पौधरोपण करने का निर्णय लिया है ताकि जलवायु में स्थिरता बनी रहे। जलवायु में स्थिरता से फसलों की पैदावार में किसी तरह की कमी नहीं आएगी।
अधिवेशन में महामंत्री राजीव ठाकुर ने फलोत्पादक मंडल की ओर से किए गए कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इससे पहले कई बागवानों ने फलोत्पादक मंडल के वार्षिक अधिवेशन में अपने विचार रखे। संवाद