अमिटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग नोएडा के विद्यार्थियों ने नग्गर की पारंपरिक वास्तुकला औ
नग्गर (कुल्लू)। अमिटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, नोएडा के 56 विद्यार्थियों ने 26 से 30 मई तक नग्गर में प्रवास कर क्षेत्र की पारंपरिक वास्तुकला, सांस्कृतिक विरासत और हिमालयी जीवनशैली का गहन अध्ययन किया। पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नग्गर के ऐतिहासिक मंदिरों और पारंपरिक काठ-कुणी निर्माण शैली का दस्तावेजीकरण किया।
अध्ययन यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने मुरलीधर कृष्ण मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, चतुर्भुज विष्णु मंदिर, जगतीपट मंदिर और गौरी शंकर मंदिर सहित क्षेत्र के पारंपरिक काठ-कुणी घरों का वास्तुशिल्पीय अध्ययन किया। उन्होंने इन धरोहर स्थलों की संरचना, निर्माण तकनीक, कलात्मक विशेषताओं और सांस्कृतिक महत्व का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया तथा संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं।
यह अध्ययन यात्रा अमिटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग के निदेशक डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वास्तुकला के साथ-साथ हिमालयी संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, स्थानीय जीवनशैली, जैव विविधता और मानव-प्रकृति के गहरे संबंधों को भी करीब से समझा।
भ्रमण का समन्वय आर्किटेक्ट वरिष पंचाल, आर्किटेक्ट लुव्दित्य खुराना और आर्किटेक्ट तविशी राणा ने किया। इस अवसर पर बृघु आचार्य ने कहा कि देशभर से आने वाले युवा विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय धरोहरों का अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।