भारी धुंध के कारण दिल्ली-भुंतर के बीच होने वाली एयर इंडिया की उड़ानें नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में एयर इंडिया को अब तक करीब 1.50 करोड़ से अधिक की चपत लग चुकी है। कंपनी को रोजाना सात से आठ लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिसंबर माह खत्म होने को है और अभी तक 20 दिनों तक उड़ाने नहीं हो सकी हैं। भारी धुंध छाए रहने से 15 दिसंबर के बाद लगातार उड़ानें रद्द होती आ रही हैं। उड़ानें रद्द होने का असर विश्व विख्यात कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। हाई प्रोफाइल सैलानियों के न आने से कारोबारियों में मायूसी का माहौल है। खासकर कुल्लू-मनाली के बड़े स्तर के होटलों पर इसका प्रभाव पड़ा है। नया साल शुरू होने में पांच दिन शेष हैं ऐसे में उड़ानों के बार-बार रद्द होने से पर्यटन कारोबारी हाई प्रोफाइल पर्यटकों को लेकर चिंतित हो उठे हैं।
दिसंबर माह में 20 दिनों तक उड़ानें न आने से करीब 1500 से अधिक सवारियों की आवाजाही नहीं हो सकी। इसमें 1100 के सवारियां दिल्ली से कुल्लू तथा 600 लोगों को कुल्लू से दिल्ली जाना था। मंगलवार को दोनों तरफ से एयर इंडिया की उड़ान पूरी तरह से पैक थी। दिल्ली से 55 तथा कुल्लू से करीब 35 लोगों ने उड़ान भरनी थीं। इस संबंध में भुंतर स्थित एयर इंडिया के स्थानीय मैनेजर निदेश भारद्वाज ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से एयर इंडिया को भारी क्षति उठानी पड़ रही है। एक उड़ान से ही आठ लाख तक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कम विजिबिल्टी होने से एयर इंडिया की संभावित उड़ान मंगलवार को भी रद्द हो गई है। मंगलवार को घाटी की विजिबिल्टी चार किलोमीटर पाई गई, वहीं उड़ान के लिए पांच किलोमीटर की जरूरत रहती है। उधर, भुंतर एयरपोर्ट के निदेशक एएन शर्मा ने बताया कि धुंध के चलते उड़ान नहीं हुई है और बुधवार के लिए भी उड़ान को रद्द कर दिया गया है। धुंध छंटने पर 29 दिसंबर को उड़ान की प्रबल संभावना है।