कुल्लू। जिला कुल्लू में मिट्टी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग आतमा परियोजना के तहत छह विकास खंडों से 540 सैंपल भरेगा। इन एकत्रित सैंपल की जांच मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में होगी। परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार के लिए किसानों की मदद से प्रयास किया जाएगा, ताकि कृषि योग्य भूमि पर फसलों का बेहतर उत्पादन हो सकें और किसानों को इसका फायदा मिले। हालांकि कृषि विभाग ने खंड स्तर पर किसानों के खेतों से सैंपल एकत्रित करने की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है। इसके लिए आतमा परियोजना के खंड प्रौद्योगिकी प्रबंधक (बीटीएम) और सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक (एटीएम) को जिम्मा सौंपा गया है।
कृषि विभाग आतमा परियोजना के तहत हर विकास खंड से मिट्टी के 90 सैंपल भरेगा। इन सैंपल की जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उपयुक्त फसल उगाने और उसमें कौन से उर्वरक का उपयोग करना है। इसकी सटीक जानकारी विभागीय विशेषज्ञ देंगे, ताकि किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा हो सके। अधिकांश तौर पर देखने को मिलता है किसानों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है और वे पैदावार बढ़ाने के लिए उर्वरकों का अधिक उपयोग करते हैं, जो मिट्टी के लिए हानिकारक बन जाते हैं।
आतमा परियोजना के उपनिदेशक डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि जिले के छह विकास खंडों से 540 सैंपल भरें जा रहे हैं। परीक्षण के बाद किसानों को तत्वों की कमी को पूरा करने का परामर्श दिया जाएगा।