कुल्लू। जिले में सेब और अनार के बाद तैयार होने वाला जापानी फल बागवानों की जेबें भर रहा है। भुंतर सब्जी मंडी में प्रतिदिन 800 से अधिक क्रेट आ रही हैं। 20 किलो की क्रेट में पैक होकर जापानी फल मंडियों में आ रहा है।
सब्जी मंडी में अगर कोई बागवान 10 क्रेट लेकर आ रहा है तो उसे 120 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दाम मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि देश की राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र में जापानी फल की खूब मांग है। उधर, जिले में जापानी फल का सीजन अंतिम दौर में पहुंच गया है। नवंबर महीने के आखिर तक जापानी फल का सीजन चलने की उम्मीद है। 20 नवंबर के बाद मंडियों में आने वाली खेप में थोड़ी कमी आ सकती है।
व्यापारियों ने भी जापानी फल को खरीदने के लिए डेरा जमाया है। दूसरी ओर, बागवानों में जापानी फल को लेकर रुझान बढ़ता जा रहा है। निचले क्षेत्रों में कई बागवान सेब के बजाय जापानी फल को तरजीह दे रहे हैं। बागवान हरि सिंह और कुंज लाल ने कहा कि कुल्लू में जापानी फल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मंडियों में जापानी फल के दाम बागवानों को उम्दा दाम मिल रहे हैं। जापानी फल का सीजन नवंबर महीने के आखिर तक चलेगा। सब्जी मंडी भुंतर में ही प्रतिदिन जापानी फल की 800 से अधिक क्रेट आ रही हैं। व्यापारियों में इसकी अच्छी मांग है। - मानस कुमार सूद, अध्यक्ष, सब्जी मंडी भुंतर
960 मीट्रिक हुआ था पिछले वर्ष उत्पादन
वर्ष 2023-24 में कुल्लू जिले में जापानी फल का 960 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। कुल्लू खंड में 320 मीट्रिक टन और नग्गर खंड में 318 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। बंजार खंड में 217, आनी में 10 और निरमंड में 15 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था। जिले में करीब 300 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर जापानी फल का उत्पादन हो रहा है।