घाटी में मंगलवार दोपहर को एकाएक अफरातफरी मच गई। अफवाह फैली कि पिन पार्वती नदी में लपाह नाले के पास बनी झील टूट गई है। सियुंड, मातला, करटाह और सैंज बाजार समेत आसपास के गांवों के लोग घरों से बाहर निकल आए। दरअसल इस दौरान पार्वती नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया था।
इससे लोगों को लगा कि गाड़ापारली पंचायत में बनी प्राकृतिक झील टूट गई है। आधे घंटे बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि सुचैहण नाले का जल स्तर बढ़ा है और इस नाले का मटमैला पानी सैंज नदी में आ गया है। तीन दिन से हो रही बारिश से घाटी के लोगों की नींद उड़ गई। झील टूटने के संभावित खतरे को लेकर लोग परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन इस झील को खतरनाक नहीं मान रहा हैै।
सामाजिक संस्था हम के संयोजक दौलत भारती और आलम पोर्ले ने कहा कि प्रशासन को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कम से कम नदी के आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक करना चाहिए। किसान सभा के जिलाध्यक्ष नारायण चौहान ने कहा कि झील बनने से पूरी सैंज घाटी खतरे की जद में आ गई है।
ऐसे हालात में अफवाह से ज्यादा नुकसान हो सकता है। ग्रामीण श्रीपत, डोला सिंह, लाल चंद, खेम राम, मेहर चंद और मनीराम ने बताया कि मंगलवार को फैली अफवाह के बाद स्थिति जल्द स्पष्ट हो गई। अगर यह अफवाह रात के समय फैलती तो हालत बिगड़ सकते थे। उधर, एसडीएम बंजार अश्वनी कुमार ने कहा कि झील से फिलहाल कोई खतरा नहीं है। लोगों को अफवाह से बचना चाहिए। बुधवार को पार्क की टीम विशेषज्ञों के साथ मौके पर जा रही है।