गुशैणी/बंजार (कुल्लू)। तीर्थन घाटी में बीते माह हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई रिहायशी मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई लोगों की भूमि भी पूर्ण रूप से तबाह हो गई और लोग बेघर हो गए हैं।
घाटी के निचला बंदल, कोशूनाली और रूपाजाणी गांव में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कोशूनाली गांव में करीब 20 मकान लोगों ने खाली कर दिए हैं, जिनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। ये कभी भी ढह सकते हैं। गांव में करीब 30 परिवारों के रिहायशी मकान खतरे की जद में है। इसी को लेकर शुक्रवार को तीर्थन घाटी के आपदा प्रभावित परिवार एसडीएम बंजार हेम चंद वर्मा से उनके कार्यालय में मिले। लोगों ने आपदा के कारण हो रही अपनी कठिनाइयों और समस्याओं को बताया।
लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि राहत एवं पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। क्षेत्र का भू वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाया जाए। प्रभावित तारा देवी, पदम सिंह, धर्म चंद, चेत राम, लगन चंद, रोशन लाल, शारदा देवी, रमेश चंद ने कहा कि तीन गांवों के लोगों के घर कभी भी ढह सकते हैं। चारों तरफ दरारें पड़ने से मकानों को खतरा बना हुआ है।
उपमंडल अधिकारी बंजार हेम चंद वर्मा ने पीड़ित परिवारों की समस्या को सुना और लोगों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। भूमि का भू वैज्ञानिकों से सर्वेक्षण करवाने के लिए उपायुक्त को पत्र लिखा है। कहा कि अगर हालत सामान्य नहीं होते हैं तो प्रभावित लोगों को राहत शिविर में शिफ्ट किया जाएगा। संवाद