कुल्लू। जिले में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर क्रासिंग, जिपलाइन, ट्रैकिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियों का आनंद अब पर्यटक नहीं उठा पाएंगे। बरसात के मौसम के चलते 15 जुलाई के बाद साहसिक गतिविधियों पर रोक लग जाएगी, जो आगामी 15 सितंबर तक रहेगी।
कोरोना के बीच बड़ी मुश्किल से पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटने लगा था। लेकिन अब फिर से साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग पर मौसम की मार पड़ने वाली है। जिले में सैकड़ों युवा सीधे तौर से इन गतिविधियों से जुुड़े हुए हैं। दो महीने गतिविधियां बंद रहने से युवाओं के रोजगार पर भी असर पड़ेगा। हालांकि मानसून सीजन के दौरान ब्यास नदी उफान पर रहती है। ऐसे में राफ्टिंग के दौरान हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी कृष्ण चंद ने कहा कि जिले में साहसिक गतिविधियां 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बंद रहेगी। उधर, इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से बनाए गए विभिन्न साहसिक गतिविधियों के नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने आदेश जारी किए हैं। अगर कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।