संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में दो साल बाद स्कूलों में नियमित कक्षाएं चलने से विद्यार्थियों में खुशी है। स्कूलों में विद्यार्थियों की शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही है। कोरोना नियमों में स्कूल प्रबंधनों ने कोई बदलाव नहीं किया है।
बिना थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नो मास्क नो एंट्री नियम जारी है। कक्षाओं, परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज किया जा रहा है। बता दें कि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं करवा रहा है। परीक्षाओं के दौरान भी कोरोना नियमों का पालन किया जा रहा है। स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। जिला मुख्यालय के स्कूूलों में निरीक्षण के दौरान सामने आया है कि कोरोना एसओपी का पूरा पालन किया जा रहा है। नव ज्योति पब्लिक स्कूल ढालपुर में बुधवार को गेट पर सैनिटाइज की व्यवस्था रही। प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था थी। स्कूल में परीक्षा चल रही थी। एक बेंच पर महज एक विद्यार्थी बैठाया गया था। प्रधानाचार्य मोती लाल ने कहा कि नियमों का पालन करना आवश्यक है। एलएमएस स्कूल ढालपुर में प्रवेश से पहले हैंड सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था देखी गई। स्कूल परिसर में 12 से 14 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम मास्क पहने हुए थी। बच्चे और स्कूल स्टाफ भी मास्क में थे। बच्चों का वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण कर लाइनों में खड़ा किया गया। स्कूल प्रबंधक निदेशक उदय कंवर ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर खतरा नहीं लिया जा सकता। कान्वेंट स्कूल ढालपुर में भी कोरोना नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। कक्षाओं में विद्यार्थियों को अलग-अलग बेंच पर बैठाया गया था। स्कूल के प्रबंधक निदेशक सुरेश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई में आई परेशानी : कार्तिक
कार्तिक ठाकुर ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई करने में परेशानी आई। सबसे अधिक समस्या नेटवर्क की रही। हालांकि अध्यापकों ने अच्छे से पाठ्यक्रम को समझाया है, लेकिन फिर भी समस्या बनी रही।
ऑनलाइन से बेहतर ऑफलाइन पढ़ाई : ऋषिता
ऋषिता कपूर ने कहा कि ऑनलाइन से बेहतर ऑफलाइन पढ़ाई है। ऑनलाइन पढ़ाई में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से पढ़ाई में सुधार आया है।