कुल्लू। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की कटराईं शाखा की ओर से दायर चेक बाउंस मामले में अदालत ने व्यक्ति को बरी कर दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुल्लू की अदालत ने पाया कि बैंक की ओर से गवाही देने वाले सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक के पास बयान दर्ज करवाते समय अधिकृत प्रतिनिधि होने का अधिकार नहीं था।
बैंक के अनुसार एक व्यक्ति ने 8.25 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसके बदले जारी दो लाख रुपये का चेक पांच जून 2015 को बाउंस हो गया था। भुगतान नहीं मिलने पर बैंक ने अदालत में शिकायत दायर की।
अदालत ने वीरवार को सुनवाई के दौरान तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने स्वीकार किया कि वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पास बैंक की ओर से गवाही देने का अधिकार नहीं था। अदालत ने कहा कि बैंक की ओर से यही एक गवाह था और ऋण देनदारी साबित करने के लिए अन्य साक्ष्य नहीं थे। इस आधार पर अदालत ने शिकायत खारिज कर आरोपी को बरी कर दिया।
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