कुल्लू। समेकित बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत सोमवार को जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति, जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें उपायुुक्त कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्य शामिल रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में निजी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को शीघ्र नजदीकी सरकारी प्राथमिक पाठशालाओं में शिफ्ट करें, जिससे उन्हें स्कूल भवन में ही सभी प्रकार की सुविधाएं व बेहतर वातावरण मिल सके। इसके लिए परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, शिक्षा उपनिदेशक को निजी भवनों में चल रहे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। जिले में करीब 1095 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं आ पाने से लाभार्थियों के अभिभावकों को पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। बैठक में राजीव गांधी किशोरी सशक्तीकरण योजना, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, महिलाओं के उत्थान के लिए स्वरोजगार योजना, बेटी है अनमोल, सशक्त महिला योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई। कुल्लू में कामकाजी महिला हॉस्टल को एमसी कुल्लू से महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपने पर चर्चा की। राष्ट्रीय पोषाहार अभियान के अंतर्गत शून्य से छह वर्ष आयु के बच्चों के ठिगनेपन को कम करने, पोषण की कमी के कारण वजन की कमी, खून की समस्या में कमी लाने, 15 से 49 आयु वर्ग की किशोरियों एवं महिलाओं में रक्त की कमी दूर करने पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कुमारी, डीएसपी प्रियंक गुप्ता, शिक्षा उपनिदेशक एसआर बंसल समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।