कुल्लू। जिले में सोमवार से शीतकालीन स्कूल पांचवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से खोल दिए हैं। छठी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थी करीब 11 महीने बाद स्कूल पहुंचे। कुल्लू के प्रारंभिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों तक विद्यार्थियों की अच्छी संख्या देखने को मिली।
स्कूल खुलने पर विद्यार्थी बोले कि ऑनालइन पढ़ाई करनी अच्छी नहीं लगती। अब नियमित रूप से स्कूल आने पर पढ़ाई करेंगे और शिक्षा ग्रहण करने में कोई बाधा नहीं आएगी। कक्षाओं में बैठ कर पढ़ने से अधिक खुशी मिली है। विद्यार्थियों में नियमित कक्षाएं लगाने को लेकर उत्साह देखा गया। निर्धारित समय से पूर्व ही विद्यार्थी स्कूल के गेट पर पहुंचे। पांचवीं, आठवीं, नौवीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूलों में एक फरवरी से नियमित चल रही है। लेकिन छठी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थी 11 महीने के बाद स्कूलों में पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए माइक्रो प्लान बनाए हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (रावमापा) खराहल में छठी से 12वीं तक सभी कक्षाओं के विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल आएंगे। विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से कमरों की संख्या उपयुक्त है। रावमा कन्या पाठशाला सुल्तानपुर में छठी व सातवीं कक्षा के विद्यार्थी एक-एक दिन, आठवीं, 10वीं और 12वीं कक्षा रोजाना लगेगी। नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों को सेक्शन बनाकर बुलाया जा रहा है। रावमापा मौहल और रावमा छात्र पाठशाला में सभी कक्षाओं को योजना के तहत एक दिन छोड़कर तथा रावमापा भुंतर में कक्षाओं के सेक्शन के तहत विद्यार्थी स्कूल आएंगे। इसी तरह जिले के अन्य सभी स्कूलों में भी अलग-अलग तरीके से विद्यार्थी बुलाने की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सीता राम बंसल ने कहा कि स्कूलों में सुरक्षा के लिए किए प्रबंधों का औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
लंबे समय बाद हुई सहपाठियों से मिले
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुल्तानपुर की छात्रा शुभांजलि ने कहा कि लंबे समय के बाद सहपाठियों से मिलने का अवसर मिला है। कोरोना महामारी ने उन्हें सहपाठियों से दूर कर दिया था। अब सहपाठियों के साथ मिलकर पढ़ाई की जाएगी। इससे और भी सीखने को मिलता है।
घर में पढ़ने से कई चीजें समझ नहीं आईं
सुल्तानपुर स्कूल की छात्रा रोनिता ने कहा कि घर में ऑनलाइन पढ़ाई करने में आनंद नहीं मिला। इससे कई तरह की चीजें समझ नहीं आती थी। कई बार नेटवर्क बाधा बन जाता था। अब इस तरह की समस्या से छुटकारा मिलेगा। नियमित रूप से कक्षाएं लगाने से नई जानकारी भी मिलेगी।
स्कूल आने पर भी खेलने का मौका नहीं मिला
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक खराहल के छात्र मनमोहन ने कहा कि वह कई महीने के बाद स्कूल आए। लेकिन कोरोना के कारण अभी भी उन्हें सहपाठियों के साथ खेलने का मौका नहीं मिला। घर रहने से विद्यार्थी खेल गतिविधियों से वंचित रह गए। इससे उनको मायूसी हो रही है।
सहपाठियों, शिक्षकों से मिलकर लगा अच्छा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक खराहल के छात्र वंश ने कहा कि करीब एक वर्ष बाद स्कूल खुलने से बहुत खुशी हो रही है। स्कूल आने पर सहपाठियों और अध्यापकों से मिलकर अच्छा लग रहा है। कहा कि ऑनलाइन की जगह कक्षा में बैठ कर पढ़ाई करना बढ़िया लगाता है।