सैंज में देवी-देवताओं की वापसी से मेले का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। जिले के सैंज में देव परंपरा की झलक देखने को मिली। पांच दिन तक देवी-देवताओं ने देव विधि-विधान का मेले में निर्वहन किया। मेला देवता लक्ष्मी नारायण के सम्मान में मनाया।
माता आशापुरी और देवता रिंगू नाग भी लाव-लश्कर संग मेले की शोभा को बढ़ाने सैंज मेला मैदान पहुंचे थे। तीन से सात मई तक देव परपंराओं का निर्वहन देवी-देवताओं और हारियानों ने किया। बुधवार को देवता लक्ष्मी नारायण, देवता रिंगू नाग और माता आशापुरी के सैंज से वापस देवालय लौटते ही मेले का समापन हो गया।
हालांकि, पांच दिन तक मेले में देव परंपराओं के निर्वहन के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटी और पारंपरिक परिधानों में फैशन शो का आयोजन भी किया गया। फैशन शो में महिलाओं ने कुल्लवी संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया तो कुल्लवी नाटी प्रस्तुत कर नशे पर प्रहार किया। लोक गायक दीपक जनदेवा, पूनम सर्मेक, कुमार साहिल और रमेश ठाकुर ने सांस्कृतिक संध्याओं में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। संवाद