हुनर को रोजगार बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं ग्राहण की मोनिकानौकरी के साथ शुरू क
कुल्लू। नौकरी करते-करते क्रोशिया के धागों में ऐसा हुनर तलाशा कि यही शौक अब आत्मनिर्भरता की पहचान बन गया। ग्राहन की मोनिका ने करीब दो वर्ष पहले शुरू किए हस्तनिर्मित क्रोशिया के काम को धीरे-धीरे व्यवसाय का रूप दिया। आज वह फूल, स्वेटर, कार्डिगन समेत ग्राहकों की पसंद के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद तैयार कर रही हैं। अपने हुनर से रोजगार की नई राह बना रही हैं।
मोनिका बताती हैं कि उन्होंने एक कंपनी में नौकरी के दौरान क्रोशिया का काम शुरू किया था। उस समय नौकरी करते हुए करीब दो वर्ष हो चुके थे। धीरे-धीरे क्रोशिया के प्रति उनकी रुचि बढ़ती गई और नए-नए डिजाइन तैयार करने में खास दिलचस्पी होने लगी। अपने हुनर पर भरोसा बढ़ने और क्रोशिया के प्रति लगाव गहराने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने पसंदीदा काम को ही व्यवसाय बनाने का फैसला लिया।
करीब दो वर्ष पहले उन्होंने हैंडमेड क्रोशिया व्यवसाय शुरू किया। इसके तहत वह क्रोशिया से फूल, स्वेटर, कार्डिगन सहित विभिन्न आकर्षक और कस्टमाइज्ड वस्तुएं तैयार करती हैं। ग्राहकों की पसंद और जरूरत के अनुसार अलग-अलग डिजाइन, रंग और पैटर्न में उत्पाद तैयार करना उनके काम की खासियत है।
मोनिका के अनुसार, अब तक वह 50 से अधिक लोगों को अपने हस्तनिर्मित उत्पाद बेच चुकी हैं। ग्राहकों से उनके उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत को लगातार सराहना मिल रही है। वह अपने हुनर को केवल खुद तक सीमित नहीं रखना चाहतीं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी क्रोशिया का काम सिखा रही हैं।