उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में शनिवार रात करीब 9:30 बजे धौंधल नाले में बादल फटने से अस्थायी पुल और सड़क बह गई।
इससे घाटी के सात गांवों का उपमंडल मुख्यालय से संपर्क कट गया। सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया। नाले में अस्थायी सड़क तैयार कर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी। कुछ दिन पहले इसी नाले में आई बाढ़ से पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। विभाग की ओर से जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन शनिवार रात बादल फटने से अस्थायी पुल और सड़क दोनों बह गए।
इसके कारण करपट, रुबलिंग, तिंगरेट, चांगुट, उड़गोस, छालिंग और खंजर गांवों का संपर्क टूट गया। लाहौल घाटी में इन दिनों सब्जियों का सीजन चल रहा है। संपर्क कटने से किसानों को अपनी फसल को मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अस्थायी सड़क बनने के बाद लोगों को राहत मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज धूप निकलते में भी नाले का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे समस्या दोबारा खड़ी हो सकती है।
उदयपुर में एसडीएम का कार्यभार देख रहे नायब तहसीलदार विनय राश्पा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि नाले में पहले से झूला भी उपलब्ध है, ताकि आपात स्थिति में लोगों की आवाजाही बनी रहे।
लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार ने बताया कि मशीनें लगाकर नाले में अस्थायी सड़क तैयार कर दी गई है। जलस्तर सामान्य होने के बाद स्थायी पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि धौंधल नाले में पिछले कई वर्षों के दौरान आठ से दस छोटे-बड़े पुल बह चुके हैं। समस्या के समाधान के लिए सरकार की ओर से एक बड़े पुल की मंजूरी मिल चुकी है। शीघ्र ही औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण किया जाएगा।