मनाली। नशाखोरी आज के समाज की एक ज्वलंत समस्या बनकर रह गई है। देश के संवेदनशील नागरिक होने के नाते हर एक का फ र्ज है कि वह नशाखोरी के खिलाफ डटकर खड़ा हो। मनाली विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोविंद सिंह ठाकुर प्रजापिता ब्रह्म कुमारिज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत अभियान के तहत एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर चिंता जताते हुए कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के अंधे अनुकरण से आज समाज में कई
विकृ तियां पैदा हो गई है। इसका सामना अच्छे संस्कारों से ही संभव है। इस अवसर पर प्रदेश से खास तौर पर पधारी डॉ. पुष्पा पांडे ने कहा कि अगर व्यक्ति के मन में शांति नहीं तो कुछ भी नहीं। प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. सचिन ने कहा कि 2013 में पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया था। हिमाचल में 16 जून 2014 को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल में इस अभियान का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल और कॉलेज में छात्रों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में माता पिता के पास अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए समय नहीं है। इसलिए उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि दूसरों की देखादेखी के चलते भी बच्चे नशा करने लग जाते हैं। डॉ. डोनिका ने राजयोग पर जानकारी देते हुए कहा कि राजयोग से नशाखोरी की आदत छोड़ने में काफ ी मदद मिलती है। इस अवसर पर मनाली के तहसीलदार पदमा छेरिंग सहित मनाली के कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।