उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल पौटेटो सोसाइटी के छुरपक स्थित पैट्रोल पंप में पर्याप्त तेल होने के बावजूद वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा। कारण पेट्रोल पंप पर कर्मचारी तैनात नहीं हैं। छुरपक पेट्रोल पंप में करीब 55700 लीटर पेट्रोल और डीजल भरा पड़ा है। आलम यह है कि न तो वाहन चालकों को बसें मिल रही हैं और न ही पेट्रोल तथा डीजल।
कुछ दिन बाद खेतीबाड़ी का काम भी शुरू होना वाला है। खेतों में मशीनें चलाने के लिए किसानों को तेल की जरूरत पड़ेगी। केलांग-उदयपुर, केलांग - दारचा और केलांग-सिस्सू मार्ग बीआरओ ने यातायात के लिए बहाल कर दिया है लेकिन स्टाफ कुल्लू में होने के कारण बसें नहीं चल रही। वारपा पंचायत के पूर्व प्रधान सत प्रकाश, पूर्व बीडीसी सदस्य सत्यपाल, महेंद्र सिंह, रामलाल तथा किशन ने बताया कि सरकार को अब एचआरटीसी स्टाफ घाटी में बुला लेना चाहिए। साथ ही छुरपक स्थित इकलौते पंप को खोलने के लिए मनाली से कर्मचारी हेलीकाप्टर के माध्यम से जल्द यहां पहुंचाने चाहिए।
एलपीएस के चेयरमैन चेतन आजाद ने बताया कि उनके छुरपक स्थित पैट्रोल पंप में 28 हजार लीटर डीजल और 27500 लीटर पेट्रोल का भंडारण है। कर्मचारी सर्दियों के दिनों मेें कुल्लू शिप्ट हो जाते हैं। जैसे हेलीकाप्टर में सीट मिलेगी कर्मचारी पेट्रोल पंप पर तैनात हो जाएगा। सत्यपाल और सतप्रकाश ने जिला प्रशासन तथा सरकार से मांग की है कि हेलीकाप्टर में जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सीट दी जाए। एचआरटीसी स्टाफ को विशेष हेलीकाप्टर उड़ान से लाहौल भेजा जाए।