केलांग (लाहौल-स्पीति)। एक तरफ देश डिजिटल इंडिया की दिशा में तेजी से बढ़ने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल के लाहौल में लोग आज भी सरकार और प्रशासन तक अपनी समस्याओं को पहुंचाने के लिए चिट्ठी का सहारा लेने को मजबूर हैं। दूरसंचार समस्या को लेकर पट्टन घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने केलांग में रहने वाले जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य नवांग उपासक को पत्र लिखा, जिसे उन तक पहुंचाने के लिए एक शख्स को केलांग पहुंचने के लिए 25 किमी पैदल सफर करना पड़ा।
चिट्ठी में दूरसंचार सेवा को दुरुस्त करने के लिए जनप्रतिनिधियों ने मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा तक उनकी बात पहुंचाने की अपील की है। दरअसल जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के 70 फीसदी हिस्से में पिछले करीब डेढ़ महीने से दूरसंचार नेटवर्क ठप है। इस बार घाटी में सितंबर से अब तक लगभग 15 से 20 फीट तक बर्फ गिर चुकी है। लिहाजा लाहौल के तमाम गांव आपस में कटे हुए हैं। घाटी से बाहर रहने वाले लोग अपनों का हालचाल जानने को परेशान हैं। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने घाटी में बंद पड़ी सड़कों, बिजली, दूरसंचार तथा हेलीकॉप्टर सेवा को दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल सेवा बंद होने से वह अपनों का हाल भी नहीं जान पा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की आवाज उठाई है। उधर, केलांग में तैनात बीएसएनएल के सहायक अभियंता शाम लाल ने कहा कि कुल्लू में तैनात एनटीआर विंग के एक अधिकारी ने अभी फाल्ट डिटेक्टर मशीन भेजने से इनकार किया है।