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अब बाजार में उपलब्ध होंगी निजी स्कूलों की किताबें

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किताबें - फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू। जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कस दिया है। निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली किताबें और कापियां अब बाजार में बुक सेलरों के पास उपलब्ध होंगी। किताबें-कापियां बाजार में नहीं मिलने से अभिभावकों को मजबूरी में स्कूल की ओर से बताई गई दुकान से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती थीं।
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कुल्लू बुक सेलर एसोसिएशन की ओर से दर्ज करवाई शिकायत के आधार पर निजी स्कूलों के साथ एडीएम अक्षय सूद की अध्यक्षता में सोमवार को एडीएम कार्यालय में बैठक हुई। एडीएम ने निजी स्कूल के प्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा का मंदिर है। उसे व्यवसायिक अड्डा न बनाएं। शिक्षा के मंदिर की गरिमा को बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि सत्र शुरू होने से दो माह पहले सीबीएसई, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, आईसीएसई से मान्यता रखने वाले स्कूलों को अपनी साइट पर किताबों की लिस्ट ऑनलाइन करनी होगी। जिससे बुक सेलर इन किताबों को उपलब्ध करवाएं। इससे अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी। स्कूल बसों में ओवरलोडिंग को लेकर भी आरटीओ और पुलिस को लिखा जाएगा। इस दौरान अतिरिक्त सहायक उपायुक्त सन्नी शर्मा, शिक्षा उप निदेशक जगदीश, भारत-भारती स्कूल के प्रधानाचार्य निरंजन देव शर्मा, नव ज्योति स्कूल के प्रधानाचार्य मोती लाल शर्मा, बुक सेलर शशि मोहन, सुमित, सनमुख सिंह और ईशान आदि मौजूद रहे।
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बुक सेलर एसोसिएशन के प्रधान अमित कुमार ने बैठक के दौरान कहा कि निजी स्कूल एक ही बुक सेलर के पास किताबें और अन्य सामान खरीदने के लिए कहते हैं। इसमें स्कूलों और किताब विक्रेताओं की सांठगांठ होती है। अगर बाजार में बुक सेलर किताबें उपलब्ध करवाएं तो यह सस्ते दामों पर अभिभावकों को मिलेंगी।
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