डेढ़ लाख घटे कुल्लू-मनाली में पर्यटक
2016 में 36 लाख तो 2017 में आए साढ़े 34 लाख सैलानी
होटलों का बिजली कटने की चर्चाओं से भी कारोबार प्रभावित
संजय ठाकुर
मनाली/पतलीकूहल (कुल्लू)। विश्व विख्यात पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली में पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की है। घाटी का पर्यटन कारोबार पिछले साल के मुकाबले कुछ मंदा रहा। घाटी से अब सैलानी मनाली की ओर रूख नहीं कर रहे हैं। 2016 में 36 लाख देशी-विदेशी सैलानी मनाली पहुंचे। वहीं, 2017 में इसके मुकाबले साढ़े 34 लाख सैलानी ही कुल्लू-मनाली का दीदार कर पाए।
दो वर्षों के बीच डेढ़ लाख सैलानियों का अंतर पाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पिछले कई वर्षों से मनाली आने वाले सैलानियों की आमद में इजाफा दर्ज किया गया है, लेकिन अचानक आई सैलानियों की इस कमी से सभी हैरान हैं। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का कहना है कि पिछले कई महीनों से मनाली के कुछ होटलों की बिजली कटने की सूचना से कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं, शासन-प्रशासन समेत विभिन्न एजेंसियों द्वारा मनाली पर लगाई जा रही कई तरह की बंदिशों का असर भी पर्यटन को प्रभावित कर रहा है। नवंबर और दिसंबर का विंटर सीजन टूरिज्म के बजाए दस्तावेज प्रशासन को दिखाने में ही निपट गया। सूखे के चलते मनाली के स्नो प्वाइटों में बर्फ न होने से जनवरी से लेकर अब तक पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं। मनाली के साथ कुल्लू व कसोल व मणिकर्ण के होटल भी खाली चल रहे हैं। इन दिनों घाटी के होटलों की ऑक्युपेंसी मात्र 10 से 15 फीसदी तक ही चल रही है। मनाली में तैनात टूरिस्ट ऑफिसर रितेश सिंह पटियाल का कहना है कि उनके रिकॉर्ड के मुताबिक मनाली में 2017 में साढ़े 34 तो 2016 में 36 लाख सैलानी मनाली में पहुंचे हैं।