धर्मशाला। विधायक आरएस बाली ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां हर साल करीब छह लाख मरीजों का उपचार होता है। पिछले 10 वर्षों में लगभग 60 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गई हैं। संस्थान की उपलब्धियों और सुविधाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए अब हर सप्ताह प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।
टांडा मेडिकल कॉलेज के सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आरएस बाली ने कहा कि वर्ष 1999 में यहां एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हुई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने संस्थान की नींव रखी थी। उस समय जीएस बाली यहां के विधायक थे। आज संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर हजारों डॉक्टर लोगों की सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में जीएस बाली के प्रयासों से टांडा में नर्सिंग स्कूल शुरू हुआ था। इसमें जीएनएम की 30 सीटें थीं। बाद में बीएससी नर्सिंग कॉलेज शुरू किया गया, जिसमें 60 सीटें स्वीकृत हुईं। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई है।
आरएस बाली ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों में करीब 1,000 नई सीटें बढ़ी हैं। बीएससी एमएलटी, एनेस्थीसिया टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी से संबंधित पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 60 की गई है। रेडियोथेरेपी में भी 30 विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।
उन्होंने बताया कि टांडा में हर साल करीब 40 हजार ऑपरेशन किए जाते हैं। पिछले 10 वर्षों में लगभग चार लाख ऑपरेशन हो चुके हैं। हृदय रोगियों के उपचार के लिए यहां कैथ लैब भी स्थापित की गई है। जीएस बाली के प्रयासों से अक्तूबर 2016 में शुरू हुई इस सुविधा के माध्यम से पिछले 10 वर्षों में करीब 30 हजार मरीजों का उपचार किया गया है। कैथ लैब में एंजियोग्राफी और स्टेंट डालने जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं। इसकी मौजूदा कीमत करीब नौ करोड़ रुपये बताई गई है। बाली ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभाग हर सप्ताह प्रेस वार्ता में अपनी सेवाओं, उपलब्धियों और कार्यों की जानकारी देंगे।