पूर्णाहुति के साथ देवता टकरासी नाग मंदिर की वर्षगांठ का समापन
31 देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों ने भरी मंदिर में हाजिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। काष्ठकुणी शैली से बने देवता टकरासी नाग के भव्य मंदिर की प्रतिष्ठा हुए एक साल हो गया है। मंदिर कमेटी ने देव विधि से वर्षगांठ कार्यक्रम धूमधाम से मनाया।
तीन दिन तक चला धार्मिक कारज पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। टकरासी की पहाड़ी हवन-पाठ और मंत्रोच्चारण से गूंज उठी। समापन पर शुक्रवार को कुल्लू-मंडी से आए करीब 6 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देवता टकरासी नाग के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
वर्षगांठ के मौके पर मंदिर कमेटी ने कुल्लू-मंडी से 35 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया था। कार्यक्रम में 31 देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंतिम दिन सुबह से शाम तक मंदिर में लोगों का तांता लगा रहा।
अठारह करड़ू के पंच माने जोन वाले टकरासी नाग की वर्षगांठ समारोह में आराध्य देव खुडीजल, कुंईरी महादेव, माता बूढ़ी नागिन बालू, कोट पझारी, चोतरू नाग, करशाली नारायण, लोमश ऋषि ढियों, बिननी महादेव, बशावली नारायण, सत्य नारायण फनौटी, रावल ऋषि, पटरानी नाग, बिशलू नाग, देवता शांगडू नाग सहित 35 देवी-देवताओं के कारदार, पुजारी और गूर सहित अन्य प्रतिनिधि आमंत्रित किए गए थे।
कारदार शेर सिंह, अमर चंद और लीला प्रसाद ने कहा कि टकरासी नाग मंदिर की वर्षगांठ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। पूर्णाहुति के दिन कुल्लू और मंडी जिले के लगभग 6 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इसके बाद सभी ने देवताओं ने ब्रह्मभोज का आनंद लिया।