उपमंडल की बंजार घाटी के बगीचों में पकी सेब की फसल। संवाद
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कुल्लू। जिले में धूप खिलने के बाद जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। भूस्खलन से अभी भी 37 सड़कों पर यातायात ठप है। इसके चलते बागवानों ने बंजार, गुशैणी, पेखड़ी समेत अन्य क्षेत्रों में सेब तुड़ान फिलहाल रोक दिया है। इन ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग बंद रहने से पेड़ों से निकाला गया सेब भी पेटियों में खराब हो रहा है।
इससे बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बागवान हेमराज, सुरेश कुमार और सोहन लाल ने बताया कि सड़कों के बाधित रहने से भूस्खलन वाले स्थान से मजदूरों की सहायता से सेब की पटियों को दूसरी ओर निकालना पड़ रहा है। इसके लिए मजदूरों को अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं। इन मार्गों में 25 सड़कें अकेले निरमंड डिवीजन में भूस्खलन से बंद हैं। बंजार में आठ, कुल्लू में तीन और मनाली डिवीजन में एक सड़क बंद है।
लोक निर्माण विभाग सड़क बहाली में पिछले तीन दिनों से जुटा है। सड़कों पर बड़ी-बड़ी चट्टानें आने के कारण उनको बहाल करना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती है। बिजली बोर्ड ने बिजली के सभी ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है। उधर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता केके शर्मा ने बताया कि सड़क बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इन बाधित मार्गों को जल्द बहाल कर लोगों को राहत दी जाएगी।