फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माइनस 16 डिग्री तापमान में हो रही देव उत्सव की तैयारी

विज्ञापन
snowfall - फोटो : amarujala
विज्ञापन
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी अधिष्ठाता देवता राजा घेपन के देव उत्सव की तैयारियां माइनस 16 डिग्री तापमान में भी जारी है। हाड जमा देने वाली ठंड के बीच कोकसर में देवता राजा घेपन के इंतजार में ग्रामीण जुटे हुए हैं। रविवार को रात को कोकसर में माइनस 22 डिग्री तथा सोमवार सुबह आठ बजे तक माइनस 16 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
विज्ञापन

कुंभ स्थल से बर्फ को हटाया जा रहा है। पांच दिसंबर को देवी बोटी, राजा घेपन और मां जंगडुल चंद्राघाटी के अंतिम छोर कोकसर में पहुंच रहे हैं। राजा घेपन के बजतंरी राम लाल और उनके सहयोगी को खुले आसमान में ही रात गुजारनी होगी। घेपन के कारदार शेर चंद, शेर सिंह और राम लाल ने बताया कि जब से देवता लाहौल परिक्रमा पर हैं, बजंतरी को खुले आसमान ने ही रात कटनी पड़ती है। उधर, राम लाल ने बताया कि उसे और उसके अन्य दो सहयोगियों को रातभर देवताओं की निगरानी के लिए जागरण में शामिल लोगों के साथ हर रोज खुले आसमान के नीचे ही रात काटनी पड़ती है। चाहे मौसम की परिस्थिति कैसी भी हो। 6 दिसंबर को लाहौल के 14 कोठी के लोगों के सुख शांति के लिए कालका पूजा करेंगे। 9 साल बाद देवता राजघेपन, देवी बोटी और मां जंगडुल कोकसर पहुंचकर कालका पूजा कर लोगों के खुशहाली प्रदान करेंगे।
देवता राजा घेपन के गुर टशी ने बताया कि 6 दिसंबर को सुबह के सत्र कालका फेंका जाएगा। जिसमें लाहौल के सभी देवी देवताओं के गुर और बाट सहित कारदार भी पूजा में सम्मलित होंगे। इसके बाद कोकसर गांव में घर-घर परिक्रमा पर निकलेंगे। शाम के समय कोकसर के पड़ोसी गांव डिंफुक के लिए निकलेंगे तथा निजी घर में रात्रि जागरण में शिरकत करेंगे। ग्रामीण अमर सिंह, बसंत लाल, अशोक, रमेश, गोंबो, फूंचोग और अमर चंद ने बताया कि देवता राजा घेपन के आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं, कोकसर में तैनात जलायोग के कर्मी टशी ने बताया कि कोकसर में रात्रि का तापमान शून्य से माइनस 22 डिग्री तक दर्ज हो रहा है। सोमवार सुबह सुबह आठ बजे का तापमान माइनस 16 डिग्री रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें